लोकल न्यूज़

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खागा/फतेहपुर। रविवार को सभी ग्राम पंचायतों के प्राइमरी स्कूलों में साक्षरता परीक्षा सकुशल संपन्न हुई। तहसील की सभी 244 ग्राम पंचायतों के परीक्षा केंद्रों में एक साथ परीक्षा दो शिफ्ट में कराई गई। इनमें ऐरायां विकास खंड में 44, विजयीपुर ब्लाक में 57 और हथगाम में 73 व धाता में 65 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। इन परीक्षा केंद्रो में 15 वर्ष से लेकर 60 वर्ष तक के लोगो को परीक्षा देनी थी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में 40 परीक्षार्थियों की एक शिफ्ट में परीक्षा देने की व्यवस्था कराई गई थी। अधिकतर परीक्षा केंद्रो में निर्धारित संख्या से कम ही परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। ऐरायां विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी ने आधा दर्जन परीक्षा केंद्रो का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया परीक्षा केंद्र सुजरही में 17, कटोंघन में 40, चितौली में 32, सरसई में 31 और दयालपुर में 19 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इसी प्रकार हथगाम विकास खंड के खंड शिक्षा अधिकारी ने गंगारामपुर और तेल्लाई समेत 10 परीक्षा केंद्रो का निरीक्षण किया। प्रचार-प्रसार की कमी के चलते अधिकतर परीक्षा केंद्रो में निर्धारित संख्या से कम ही परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें …http://www.amarujala.com/city/Fatehpur/Fatehpur-36.html

राष्ट्रीय न्यूज़

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नई दिल्ली कोयला घोटाले पर जहां संसद के भीतर कांग्रेस-भाजपा भिड़े पड़े हैं, वहीं पूर्व टीम अन्ना ने इन दोनों के खिलाफ सड़कों पर मोर्चा खोल दिया है। सियासी पार्टी के गठन से पहले अन्ना के दाहिने हाथ अरविंद केजरीवाल ने जनता के बीच इस मामले को ले जाकर अपने अभियान का श्रीगणेश कर दिया। रविवार की छुट्टी के दिन इंडिया अगेंस्ट करप्शन (आइएसी) के कार्यकर्ताओं ने राजधानी का माहौल गरमा दिया। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के घेराव के लिए उनके आवास की ओर कूच करने वाले प्रदर्शनकारियों से निपटने में पुलिस को सारा दिन खूब पसीना बहाना पड़ा। पुलिस ने आंदोलनकारियों पर पानी की तेज बौछारें और आंसू गैस के गोले फेंकने के अलावा जमकर लाठियां भी चलाईं। आइएसी ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों के घर के बाहर भी प्रदर्शन किया। राजनीति में उतरने के एलान के बाद हुए इस पहले बड़े कार्यक्रम की कमान अन्ना के बजाय केजरीवाल ने संभाली।  अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें …  http://in.jagran.yahoo.com/epaper

 कभी पत्थर तोड़ने का काम करने वाले ‘द ग्रेट खली’ आज वर्ल्ड रेसलिंग इंटरटेनमेंट (डब्ल्यूडब्ल्यूई) के चमकते सितारे हैं। सात फीट एक इंच लंबा भीमकाय शरीर और 157 किलो वजन वाला यह इंसान मां काली का बड़ा भक्त है। शाकाहार के प्रबल समर्थक खली तंबाकू और शराब से दूर रहते हैं। सोमवार यानी 27 अगस्त को ‘द ग्रेट खली’ का जन्मदिन है। 27 अगस्त 1972 को हिमाचल प्रदेश के धिराना गांव में जन्मे खली का असली नाम दलीप सिंह राणा है। खली अमेरिका में डब्ल्यूडब्ल्यूई में लड़ने वाले पहले भारतीय हैं। इन दिनों खली अमेरिका के अटलांटा में अपनी पत्नी हरमिंदर कौर के साथ एक खूबसूरत जिंदगी जी रहे हैं। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें …  http://www.amarujala.com

प्रधान / सदस्य

ग्राम पंचायत दूल
ब्लॉक : कल्याणपुर
पोस्ट : भूल
थाना : सचेंडी
जिला : कानपुर
पंचायत में कुल वार्डों की संख्या : 11


ग्राम प्रधानम : श्रीमति सुमित्रा देवी
उम्र : 62
कार्य : ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले समस्त गाँव के विकास कार्य को देखना एवं उन गाँव का समुचित विकास करना.
सचिव : श्री राजेश सिंह
पंचायत सदस्य :- 11

नाम शिक्षा  पिता/पति मोबाइल नं० पता कार्य



















































































पंचायत का क्षेत्रफल: 610 हेक्टेयर लगभग
पंचायत की कुल जनसंख्या: 7543 लगभग (पुरुष-40% महिला-35% बुजुर्ग-10% बच्चे-15%)
जनसंख्या घनत्व : 400 व्यक्ति / वर्ग कि०मी० लगभग
साक्षरता : 60% लगभग

शिक्षा केंद्र

 

प्राइमॅरी विधालयों की संख्या 03
स्थापना 2003-04
प्रधानाचार्य श्री राजेश कुमार यादव
अध्यापक राकेश कुमार कुशवाहा
अध्यापिका
शिक्षा मित्र 2
छात्र 15
छात्राएँ 18
माध्यमिक विधालयों की संख्या 1
स्थापना 1992
प्रधानाचार्य श्री अबुलबारी
अध्यापक अखिलेश,श्रवण कुमार
अध्यापिका वंदना पांडेय,रज़िया ख़ातून
छात्र 50
छात्राएँ 33
आँगन बाड़ी केंद्रों की संख्या 3
कार्यकर्ता
इंटर कॉलेजों की संख्या 1
डिग्री कॉलेजों की संख्या 1
पौंड शिक्षा केंद्रों की संख्या 00
रात्रि शिक्षा केंद्रों की संख्या 00
कंप्यूटर शिक्षा केंद्रों की संख्या 00
तकनीकी शिक्षा केंद्रों की संख्या 00

कृषि

गाँव में रबी, खरीफ व धन देने वाली फसल का उत्पादन होता है। देश में हरित क्रांति में जब से बिजली का आगमन हुआ तो किसानों के साथ खेती से जुडे लोगों की स्थिति ही बदल गई। इसके बाद खेतों में ट्यूब वेल लगे और किसानों नें खरीब की फसल के साथ ही रबी की फसल का भी उत्पादन करना शुरू किया। गाँव की अधिकांश कृषि भूमि पर रबी की फसल होने लगी। गांव में रबी की फसल में गैहूं,चना,जौ,मैथी,सरसों आदि फसलों का उत्पादन होता है। खरीफ की फसल में बाजरा, मूंग, ज्वार, बाजरा,  आदि फसलों का उत्पादन किया जाता है। फसल में प्याज,लहसून,जीरा,धनिया आदि फसलों के साथ विभिन्न प्रकार की सब्जियों का उत्पादन किया जाता है। पिछले कई सालों के मुकाबलें किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई तथा उनके रहन सहन में बदलाव हुआ है।

कृषि विभाग की योजना:

  • माइक्रो मैनेजमेंट
  • आइसोपाम
  • कृषि सांखियकी सुधार योजना
  • कपास योगदान
  • फसलों के क्षेत्रफल एवं उत्पादन आँकड़े
  • फसल बीमा योजना
  • कृषक प्रक्षेत्रों पर प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश कृषि विभाग

रहन-सहन

इस गाँव का रहन-सहन लगभग साधारण ही है जैसा की हर गाँव में होता है यहाँ के लोग कच्चे एवं पक्के मकान में रहते है जो लोग ग़रीब है उनको सरकार की तरफ से इंदिरा आवास के तहत मकान दिए गये है और जो सक्षम है वे अपने बनाएँ हुए मकान में रहते है गाँव के अधिकतर लोग खेती पर निर्भर है और कुछ लोग नौकरी भी करते है चाहे वो सरकारी हो या प्राइवेट सभी लोग कुछ ना कुछ काम करते रहते है ताकी अपना और अपने परिवार का पेट भर सके!

संसाधन / सुविधाएँ

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प्रकतिक संसाधन
ग्राम पंचायत में सभी गाँव मे कुल मिलाकर 01 पोखर  है जिनसे गाँव वालों का काम होता है इन पोखरों, नहर से खेतों की सिचाई, गाँव के जानवरों को पीने का पानी एवं गाँव के बच्चे इन पोखरों / नहर में नहाते है गाँव की महिलाएँ कपड़े आदि भी धोती है गर्मी के समय इन पोखरों / नहर से गाँव वालों को पानी की ज़्यादा समस्या नही होती है और इनका काम होता रहता है! गाँव पंचायत में कुएँ भी है!

व्यक्तिगत संसाधन
ग्राम पंचायत में कुल हॅंडपंप लगे हुए है जो की गाँव के लोगों ने अपनी सुविधा के अनुसार अपने-अपने घरों में लगा रख्खे है और कुछ हॅंडपंप ग्राम पंचायत ने सार्वजनिक लगाएँ है ताकि रह चलने वालों को पानी की समस्या न हो!

मानव संसाधन
ग्राम पंचायत के सभी गाँवों को मिलाकर करीब पंचायत में 80 प्रतिशत मजदूर
, 20 प्रतिशत नौकरी एवं व्यापारी लोग रहते है किसान अपनी खेती करते है मजदूर खेतों एवं फॅक्टरी, दुकानों में मजदूरी, कुछ सरकारी-कुछ प्राइवेट नौकरी करते है और अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करते है!

सांस्कृतिक संसाधन
ग्राम पंचायत में सांस्कृतिक भवन नही है पर यदि गाँव में कोई कार्यक्रम जैसे- शादी, होली, दीपावली, ईद, बकरीद आदि कार्यक्रम गाँव वाले मिल कर कराते है उसके लिए सांस्कृतिक भवन / सरकारी स्कूल के भवन आदि ले लेते है और कार्यक्रम समाप्त होने के पश्चात उसकी साफ-सफाई भी करते है!

यातायात के साधन
ग्राम पंचायत रोड से ज्यादा दूर नही है अतः किसी भी जगह से आने जाने के लिए बस और प्राइवेट साधन उपलब्ध हैं, परंतु सड़क से ग्राम पंचायत तक जाने के लिए पैदल या अपनी सवारी से यात्रा करनी पड़ती है पर कुछ ही दूर के लिए| यहाँ से कुछ ही दूरी पर रेलवे स्टेशन है!

सुविधाएँ
स्वास्थ सुविधा
ग्राम पंचायत में एक स्वास्थ केंद्र है जिसमें एक एम. बी. बी. एस. डॉक्टर, एक समान्य डॉक्टर, एक नर्स, एक ए. एन. एम. बैठिति है एवं गाँव वालों का इलाज करते है स्वास्थ केंद्र होने की वजह से गाँव वालों को समान्य बीमारी के लिए शहर नही जाना पड़ता है उसका इलाज यहीं हो जाता है!

कृषि सुविधा
गाँव वालों के पास खेती करने के लिए पर्याप्त खेती है जिसमें वे लोग अपनी सुविधा के अनुसार फसल लगाते है खेतों में धान, गेंहूँ, मक्का, बाजरा, जौ, मटर, चना, दाल, गन्ना, एवं सब्जी आदि की खेती करते है और कुछ लोगों के बाग भी है जिसमें आम, अमरूद, जामुन आदि के पेड़ लगे है!

संचार सुविधा
पंचायत में लगभग 05% बेसिक टेलिफोन फोन है जो की भारत संचार निगम लिमिटेड के है और 85% लोगों के पास मोबाइल फोन है, और गाँवों में पी. सी. ओ. भी है|

बिजली सुविधा
इस पंचायत में लाइट की ज़्यादा समस्या नही है गाँव में लगभग 10 से 14 घंटे लाइट आती है जिसे गाँव वालों को कोई समस्या नही होती है पर लाइट का समय सही न होने के कारण कभी-कभी समस्या उत्पन्न हो जाती है!

रोज़गार सुविधा
फैक्टरी : इस ग्राम पंचायत के आस पास औधोगिक क्षेत्र नही है इस लिए यहाँ पर फैक्टरी कम या ना के बराबर है इस लिए लोगों के पास रोजगार कम है जिसके लिए उन्हे गाँव बाहर जाना पड़ता है |
गाँव में : गाँव में कृषि, पशुपालन, डेरी, सब्जी आदि का व्यपार होता है| मुस्लिम लोग मुर्गी पालन करते है, करीब गाँव में सभी प्रकार की फसलों की पैदा वार होती है|
बैंक:- इस ग्राम सभा मे एक एस. बी. ई. बैंक है!

रोजगार

नौकरी: पंचायत में लगभग 20% लोग नौकरी करते है (सरकारी), 80% लोग किसानी, मजदूरी करते है

फैक्टरी: इस ग्राम पंचायत के आस पास औधोगिक क्षेत्र नही है इस लिए यहाँ पर फैक्टरी कम या ना के बराबर है इस लिए लोगों के पास रोजगार कम है जिसके लिए उन्हे गाँव बाहर जाना पड़ता है |

गाँव में: गाँव में कृषि, पशुपालन, डेरी, सब्जी आदि का व्यपार होता है|  करीब गाँव में सभी प्रकार की फसलों की पैदा वार होती है|

 किसान अपनी खेती करते है मजदूर खेतों एवं फॅक्टरी, दुकानों में मजदूरी, कुछ सरकारी-कुछ प्राइवेट नौकरी करते है और अपना एवं अपने परिवार का पालन पोषण करते है

मुख्य व्यक्ति

President-of-india

coming soon………………………………….

विकास कार्य

ग्राम पंचायत के द्धारा दो कच्चा नाले का निर्माण 2 किलोमीटर, 1 किलोमीटर(400 मीटर) का कार्य किया जा रहा है ताकी गाँव वालों को किसी की कमी ना हो यही ग्राम पंचायत का उद्देश्य है!